Sunday, November 14, 2010

लालू चालू कर दे लालटेन

लालू चालू कर दे लालटेन ,
भालू ना आ जाए ,
पीलू तू संभाल भालू को ,
कहीं आलू ना पाक जाए !
बालू में तू मत जा ,
धमाल मचा , और फूल को
मत टूटने दे ...
सूरज चूल्हे जैसा तपता रहेगा,
और तू झुला झूल !

By
Ninad Behl
Grade II Umang
( a poem using ' ऊ ' की मात्रा के शब्द )


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