Monday, February 15, 2010

नटखट चूहा




चूहा है बड़ा ही नटखट,

करता है शैतानी बहुत।

देख पर मौसी बिल्ली को,

याद उसे आती है नानी बहुत ।

चीज़ें को है कुतरता,

सदा ही कुछ कुछ खाता।

काटी है उसने रजाई ,

और काटा है मेरा जूता ।

बोली मौसी बिल्ली,

हो न तुम परेशान,

एक दिन में ही मैं ,

कर दूँगी चूहे का काम तमाम।


Sanya Shrivastava

class 2

Ullhas


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